रुक गया है ख्वाबो का ये सीलसीला ,
रूबरू हु मै एक सच से ,
ये एक खामोशी सी छाई है ,
जैसे थम रहा हो कोई तुफानो का सीलसीला!
थम गया है न रुकने वाली लहरों का , सीलसीला,
ये कसती थम सी गयी है,
इन रुकी हुयी लहरों में,
जैसे थम रहा कोई तुफानो का सीलसीला!
दूर एक धुंधलका सा छाया है,
ये कुछ रेत , हवाओ में,
ये जमीं को छूना नही चाहते,
या हवाए इन्हे छूने नही दे रही ही!
पर...............
रुक गया है ख्वाबो का ये सीलसीला ,
जैसे थम रहा कोई तुफानो का सीलसीला!!!!!!!!!!!