Tuesday, May 5, 2009

"ये दुरीया"

ये क्या है जीसका अहसास है,
कानो में कुछ संगीत सा अहसास है,
शायद ' ये तो उनकी गुलाबी मुश्कान है!

इन दुरीयो में भी कुछ खाश है,
तन्हाईया देती कुछ अहसास है,
शायद' अब उनका इन्तेजार है!

उनकी मासूमीयत में कुछ बात है,
जो हमेशा बुलाती मुझे पास है,
शायद इशी का मुझे ख्याल है!

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पूछती है 'ये 'दुरीया'
क्या तुमहारे पास है....!
क्या उन्हें भी तुम्हारा,
ख्याल है....!
क्या उन्हें भी इस्का अहसास.....!

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